Wednesday, September 7, 2011

आतंकियों ने कब-कब किया भारत को लहू-लुहान

सीमा खान । दिल्ली उच्च न्यायालय में धमाके ने एक बार फिर साबित कर दिया कि हम आज भी वहीं हैं जहां से चले थे। चंद महीने पहले ही दिल्ली उच्च न्यायालय में आतंकियों ने मामूली धमाके से शायद इसी धमाके के लिए पूर्व अभ्यास किया था।

दिल्ली उच्च न्यायालय परिसर में चार महीने पहले ही एक और धमाका हुआ था। दिल्ली उच्च न्यायालय में हुए इस बम धमाके को इंडियन मुजाहिदीन के आतंकियों ने अंजाम दिया था। इस धमाके का मास्टरमाइंड इंडियन मुजाहिदीन का आतंकी आमिर रजा खान था।

आइए देखते हैं, आतंकवादियों के इस आतंकी युद्ध ने कब-कब भारत को चोट पहुंचाई।

1993 के बाद से देश में आतंकी घटनाएं :

मार्च 12, 1993: मुंबई में एक साथ 13 सीरियल बम ब्लास्ट हुए। इस आतंकी घटना में 257 लोगों की मौत हुई, जबकि 700 लोग घायल हुए। इस घटना को दाऊद इब्राहीम की डी कंपनी ने अंजाम दिया।

फरवरी 14, 1998: कोयंबटूर में बम ब्लास्टः 11 जगहों पर हुए 13 बम धमाकों मे$ 46 लोगों की मौत, जबकि 200 घायल।

अक्टूबर 1, 2001: श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर एसेंबली परिसर में आतंकी हमला। 35 लोगों की मौत। जैश-ए-मोहम्मद ने ली जिम्मेदारी।

दिसंबर 13, 2001: भारत की संसद पर आतंकी हमले में 12 लोगों की मौत, जबकि 18 लोग घायल। पाकिस्तान के आतंकी संगठनों को इसके लिए जिम्मेदार बताया गया।

सितंबर 24, 2002: गुजरात के अक्षरधाम मंदिर पर हमला। 31 लोगों की मौत, 79 घायल।

कब-कब बनी मुंबई आतंकवादियों का निशाना...


मई 14, 2002: जम्मू के पास आर्मी कैंट पर आतंकी हमला। 30 लोगों की मौत।

मार्च 13, 2003: मुंबई की लोकल ट्रेन में बम ब्लास्ट से 11 लोगों की मौत।

अगस्त 25, 2003: मुंबई में दोहरे कार धमाके में 52 लोगों की मौत, जबकि 150 लोग घायल।

अगस्त 15, 2004: भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य असम में ब्लास्ट। 16 लोगों की मौत जिसमें ज्यादातर स्कूली बच्चे शामिल थे।

जुलाई 5, 2005: अयोध्या में बाबरी विध्वंस स्थल, राम जन्मभूमि पर आतंकी हमला।

अक्टूबर 29, 2005: दीवाली से दो दिन पहले दक्षिण दिल्ली के मशहूर बाजारों में जबरदस्त धमाका। 59 लोगों की मौत जबकि 200 घायल। पाकिस्तान के आतंकी संगठन इंकलाब महाज ने इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली।

मार्च 7, 2006: तीर्थनगरी वाराणसी में हुए आतंकी हमले में 28 लोगों की जान गई। 101 लोग इस हमले में घायल हुए।

जुलाई 11, 2006: मुंबई की लाइफलाइन लोकल ट्रेनों में पूरी प्लानिंग के साथ 7 धमाके। इस हमले में 200 लोगों की मौत।

सितंबर 8, 2006: महाराष्ट्र के मालेगांव की एक मस्जिद के पास धमाके में 37 लोगों की मौत व 125 घायल। धमाकों के पीछे सिमी का हाथ।

मई 18, 2007: हैदराबाद की मक्का मस्जिद में शुक्रवार की नमाज के दौरान बम विस्फोट। 13 लोगों ने गंवाई जान। आतंकी हमले के बाद हुए दंगो में पुलिस की गोली से भी मारे गए 4 लोग।

मई 26, 2007: गुवाहाटी में हुए धमाके में 6 लोगों की मौत जबकि 30 लोग घायल।

जून 10, 2007: मणिपुर के बॉर्डर पर कई जगहों पर हुई फायरिंग से 11 लोगों की मौत।

अगस्त 25, 2007: हैदराबाद में हूजी के हमले में 42 लोगों की मौत व 50 घायल।

मई 13, 2008: पर्यटक स्थल जयपुर में 6 धमाके। 63 लोगों की मौत जबकि 150 लोग घायल।

जुलाई 25, 2008: बेंगलूरु में एक साथ 7 धमाके। एक की मौत जबकि 150 से ज्यादा घायल।

जुलाई 26, 2008: अहमदाबाद में सीरियल ब्लास्ट। 45 लोगों की मौत जबकि 150 लोग घायल। इंडियन मुजाहिद्दीन ने ली हमले की जिम्मेदारी।

सितंबर 13, 2008: दिल्ली के मशहूर शॉपिंग स्थलों पर 5 बम धमाकों से 21 लोगों की मौत जबकि 100 लोग घायल। इंडियन मुजाहिद्दीन ने ली हमले की जिम्मेदारी।

सितंबर 27, 2008: दिल्ली के फूल बाजार में धमाके से एक की मौत।

अक्टूबर, 30, 2008: असम में एक साथ 13 बम धमाके। 61 की मौत जबकि 300 घायल।

जुलाई 13, 2011: मुंबई में एक साथ तीन जगहों पर सीरियल बम ब्लास्ट। 20 लोगों की मौत जबकि 100 घायल।



आखिर हम कब जागेंगे इस पर आपकी प्रतिक्रिया के इंतज़ार में

 

5 comments:

बेहद संवेदनशील बात है हमारी सरकार को इस पर सोचना होगा.

यह लोग कायर है. बेगुनाहों की जान लेना कहा की बहादुरी है.

यह सब हमारी सरकार का निकम्मापन है सीमा जी. इन चूहों को इन के बिल में ही मार देना चाहिए http://pinkyjoshi.blogspot.com/

Post a Comment

अपनी बात जरुर बताये.आप सब का मार्गदशन मेरे लिए जरुरी है.आप सब का शुक्रिया.